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मनाई गई भिखारी ठाकुर की 47वीं पुण्य तिथि

बलिया। अखिल भारतीय विकास संस्कृति साहित्य परिषद शाखा बलिया के तत्वावधान ने आनंदनगर स्थित कार्यालय पर भिखारी ठाकुर की 47वी पुण्य तिथि के अवसर पर डॉ आदित्य कुमार अंशु की अध्यक्षता में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बिलासपुर छत्तीसगढ़ से मुख्य अतिथि के रूप में पधारे डॉ बृजेश सिंह राष्ट्रकवि ने अपने संबोधन में भिखारी ठाकुर को महान लोक कलाकार कहा। डॉ आदित्य कुमार अंशु ने कहा कि भिखारी ठाकुर ने समाज की पीड़ा और कसक कूट-कूट कर भरी थी। संचालन करते हुए डॉ फतेहचंद बेचैन ने कहा कि भिखारी ठाकुर भोजपुरी के शेक्सपियर थे। क्योंकि अंग्रेजी भाषा के माध्यम से जो काम समाज के लिए शेक्सपियर ने किया था वही काम भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी के माध्यम से किया था। सुदेश्वर अनाम ने कहा कि भिखारी ठाकुर समाज सुधारक के रूप में सदियों तक याद किये जायेंगे। डॉ संतोष कुमार गुप्त ने कहा कि आज हम गर्व के साथ कह सकते है कि महाजनी की मामूली पढ़ाई करने वाले भिखारी ठाकुर के ऊपर देश और विदेशों में भी शोध कार्य हो रहे है। नवचन्द्र तिवारी ने कहा कि भिखारी ठाकुर लगभग 12 नाटकों की रचना किये। नाटक विधा में उनका कोई सानी नही था। विदेशिया उनका सुप्रसिद्ध नाटक था। डॉ सुनील कुमार ओझा ने कहा कि भोजपुरी की सेवा और विकास के लिए भोजपुरी जगत उनका सदैव ऋणी रहेगा। डॉ दिनेश ठाकुर ने बताया कि राहुल सांस्कृत्यायन ने उनको अनगढ़ हीरा की उपाधि से नवाजा था। इस अवसर पर अब्दुल कैस तारविद, हाफिज मस्तान, डॉ दिनेश ठाकुर, डॉ सुनील कुमार ओझा, भोजपुरी भूषण नंदजी नंदा, डॉ जितेंद्र स्वाध्यायी, डॉ गयाशंकर प्रेमी, डॉ जितेंद्र त्यागी, रमेश मिश्र हसमुख, राधिका तिवारी, सूरज समदर्शी, अमावस यादव, रमाशंकर वर्मा मनहर आदि उपस्थित रहे।

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