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सिवनकला में पैदा हुए रसिया मजीद सभी के प्रेरणास्रोत थे: रिजवी

सिकन्दरपुर, 15अक्टूबर। प्रसिद्ध शायर रसिया मजीद व असरार की याद में क्षेत्र के सिवनकलां गांव में रविवार की रात में आयोजित रसिया महोत्सव में उनके शागिर्दों, दीगर शायर व कवियों सहित श्रोताओं की काफी भीड़ रही। कवियों व शायरों ने अपने प्रस्तुति के माध्यम से न केवल रसिया व असरार की याद को ताजा किया, बल्कि श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन भी किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री मोहम्मद ज़ियाउद्दीन रिजवी ने फीता काट कर किया। उन्होंने कहा कि सिवनकला में पैदा हुए रसिया मजीद हम लोगों के प्रेरणास्रोत थे।वह एक महान शख्सियत थे। वह अपनी रचना से जहां सामाजिक व अन्य बुराइयों तथा कुरीतियों पर करारा प्रहार करते थे, वहीं भविष्य में घटित होने वाली घटनाओं के बारे में भी कलम चलाते थे। उन्हों ने अपनी रचना के माध्यम से जो भी सन्देश दिया वह आज हमारे सामने परिलक्षित हो रहा है। उनके आदर्शों को अपनाने की लोगों को सलाह दिया। बाद में शायरों व कवियों के कलाम पेश करने का जो सिलसिला शुरू हुआ वह देर रात तक चलता रहा। इस अवसर पर आयोजन समिति की तरफ से मालाएं पहना कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। अपने कलाम पेश करने वाले कवियों व शायरों में प्रमुख रूप से सुरेन्द्र यादव, शमशुद्दीन साहिल, रसीला साहब, मो.नईम, निजामुद्दीन नाबीना, तैयब मस्तान, डॉ बशीर, कमल कवि, इंद्रदेव यादव, राज विजय, हाजी जैनुद्दीन आदि थे। रामजी यादव, अनन्त मिश्र, तारिक अजीज, दिग्विजय सिंह, सन्तोष यादव, रवि यादव, फैसल अजीज, गोलू आदि लोग मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ जितेंद्र गुप्त व संचालन मोहन सिंह ने किया।

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