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“संविधान, आरक्षण और राष्ट्रवाद” विषयक विचार गोष्ठी संपन्न

सिकन्दरपुर। क्षेत्र के जी बी जी कान्वेंट स्कूल, घुरी बाबा के टोला के प्रांगण में मंगलवार को डॉ भीमराव जयंती के उपलक्ष्य में “संविधान,आरक्षण और राष्ट्रवाद”विषयक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस में वक्ताओं ने बेरोजगारी,भ्र्ष्टाचार और भेद भाव पर जहां जम कर भड़ास निकाला। साथ ही राजनीति को धर्म से जोड़ने वालों की जम कर आलोचना किया।मुख्य वक्ता दलित चिंतक व पत्रकार अनिल चमड़िया ने कहा कि बाबा साहब के द्वारा बनाये गए संविधान की प्रस्तावना ही सबको जीने और अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम का संदेश देता है।कहा कि सामाजिक क्रांति के लिए राजनैतिक क्रांति की आज जरूरत है। तभी सामाजिक न्याय सम्भव है।हिंदूकरण की राजनीति संविधान के साथ धोखा है।जो सरकारें राजनीति को धर्म की तरफ ले जा रही हैं।वे योजनाबद्ध तरीके से देश में मनुवाद थोपना चाहती हैं।कहा कि आरक्षण वंचित,शोषित समाज का अधिकार है। वंचित समाज को आर्थिक रूप से ब्यवस्थित करने से ही उनके दिलों में भी राष्ट्रवाद की भावना आएगी। संविधान नहीं सरकारों को सपनी मानसिकता में बदलाव लाने पर बल दिया। रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा कि मौजूदा दौर में संविधान तथा आरक्षण ब्यवस्था पर हमला बाबा साहब के विचारों पर हमला है।असहमति ब्यक्त करने वालों को राष्ट्र द्रोही करार दिया जा रहा है। आचार्य पुनयेशानन्द ने कहा कि ग्रन्थों में हिन्दू धर्म का कोई स्वरूप नहीं है।मॉनसिक शोषण के खिलाफ एकजुट होने की शोषित समाज से अपील किया। रणधीर कुमार सिंह,मनीष शर्मा ,प्रवीण यादव,प्राचार्य उदय पासवान,शाह आलम, विनोद मित्रा, लाल साहब, सुनीता राव, कंचन भर्ती, अंजू यादव, पूजा शर्मा, कमलेश कुमार यादव, विवेक चौधरी, अभय कुमार आदि ने भी विचार रखा। अध्यक्षता अमर चौधरी एवं संचालन बलवन्त यादव ने किया।

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